Mohit Trendy Baba's few lucky saved works from defunct websites, forums, blogs or sites requiring visitor registration....

Sunday, March 31, 2013

Vyavharik aur Zaroori Gyan



मैंने स्कूली ज्ञान को कभी ज्यादा महत्व नहीं दिया, इसलिए ऑन रिकार्ड्स ठीक-ठाक नंबर ही आते थे। भारत मे शिक्षा के लिए अलग ही पद्धति है, मैंने ऐसे बहुत से "होनहार छात्र" देखे जिनमे व्यावहारिक और ज़रूरी ज्ञान की कमी थी (अभी भी होनी चाहिए). जैसे किताबो की बाहर अगर कोई इंस्पेक्शन वाले सर/मैडम कुछ पूछ लें तो सामान्य ज्ञान तक की बातों का उनके पास जवाब नहीं होता, उनका तर्क होता की जो कोर्स में नहीं उसको पढ के क्या फायदा?

जैसे सातवी कक्षा में बाहर से आये सर ने पूछा किसी भी सरकारी डिपार्टमेंट या कंपनी, विभाग का नाम बताओ। टीचर ने 2-4 होनहार बच्चो को पूछा, फिर सर ने कुछ बच्चो को खड़ा किया जिनमे मै भी था इतने निरुतर बच्चो को देख सर को थोडा गुस्सा आया। टीचर भी अब गिव अप कर चुकी थी क्योकि उनके इक्के-बादशाह शहीद हो चुके थे ...अब तो क्लास के अठ्ठे-नेहलो का इंटेरोगेशन चल रहा था। मेरी बारी आई तो मैंने डरते हुए कहा "रेलवेज ...."

सर ने चिल्ला कर कहा गलत है.

मैंने कहा "तो रोडवेज ...."

"गलत"...ऐसे करके मैंने पुलिस, सचिवालय, दूरदर्शन, सेना कहा और वो गलत-गलत बोलते रहे।

जब मै चुप हुआ तो वो मेरी तरफ बढ़े, मैंने सोचा हमेशा की तरह गयी भैंस पानी में। फिर उन्होंने कहा तुमने जो भी विभाग बताये सब सही है। थोड़ी तालियाँ बजी, सर ने शाबाशी दी .....मै 2-3 क्लासेज मे खुश रहा बस फिर सब पहले के ढर्रे पर वापस।

"मोहित, अभ्यास पुस्तिका मे काम पूरा क्यों नहीं हुआ? हाथ ऊपर करके दिग्विजय और गंगा के साथ जाके खड़े हो जाओ।"

चलिए स्कूल को छोडिये अब MBA में भी सहपाठी फेकल्टी की दी प्रेजेंटेशन स्लाइड्स, pdfs, hand-outs, booklets रट कर परीक्षा देते है, अपने असाइंमेंटस करते है ....ज़रा सी बाहर से आई बात या कांसेप्टस पर अधिकतर छोटे बच्चो की तरह ये मटेरियल में नहीं था जैसी शिकायत करते है।

मै ये नहीं कह रहा की पढाई मत करो या जो पढाई करते है वो गलत है, मै बस इतना कह रहा हूँ की अपना दिमाग खुला रखो और भी चीज़ों के लिए। भारतीय शिक्षा पद्धति में बड़े बदलावों की ज़रुरत है।

- मोहित शर्मा (ट्रेंडी बाबा)

Saturday, March 30, 2013

Comic Con India Criticism


****माफ़ कीजिये यहाँ एक जनरल बात कर रहा हूँ एक कॉमिक इवेंट का उदाहरण देकर। तो कॉमिक की बात करनी पड़ गयी।****

मैं दिल्ली कॉमिक कॉन 2013 के आखरी दिन वहाँ पहुँचा तो कुछ बातें खटकी। वो मज़ा नहीं आया .... वो कॉमिक फीवर कहीं गुम था। कॉमिक कॉन इंडिया का मतलब सब नहीं तो ज़्यादातर इंडियन कॉमिक प्रकाशन रीप्रेजेंट होने (या कम से कम) फीचर होने चाहिए थे। इंडियन कॉमिक्स प्रमोट करने से ज्यादा मुझे एक कॉमर्शियल अप्रोच लगा जैसे कोई आउटसाइडर प्रायोजित कर रहा हो ....कोई इवेंट मैनेजमेंट कंपनी (हालाँकि पॉप कल्चर पब्लिशिंग इनकी ब्रांच है)।

यह बात उनके अवार्ड्स मे भी झलकती है .....एंट्रिज मे बहुत सी बड़ी इंडियन कॉमिक पब्लिकेशंस का नाम ही नहीं तो ये सही मानक कहाँ हुए? कुछ समय पुराने आर्टिस्ट को अवार्ड मिले और इंडसट्री मे 3-4 दशको से एक्टिव क्रिएटिवस नोमिनेशन्स मे तक न हो, अजीब है। जिन कंपनीज की इवेंट मे स्टाल्स है बस उन्ही तक अवार्ड सीमित होना ....ये भी अजीब लगा मुझे। भारत के कॉमिक कॉन मे भारतीयता की कमी लगी मुझे। मुझे पाश्चात्य सभ्यता से कोई दिक्कत नहीं है मै उनका भी आदर करता हूँ बल्कि कॉमिक कॉन का कांसेप्ट उन्ही की देन है पर भारत कॉमिक कॉन का मतलब है की बाहर के देशो का स्टाइल और भारतीय स्टाइल दोनों की झलक मिले यहाँ बाहरी स्टाइल काफी हद तक हावी रहा। भारतीय कॉमिक कॉन मैनेजमेंट को अपना दायरा इंग्लिश से आगे स्थानीय भाषाओ तक बढ़ाना होगा तभी सही मायनों मे ये भारतीय कॉमिक कॉन कहलाया जायेगा (मेरी नज़रों मे)। मै उनको धन्यवाद देता हूँ पर कोमेर्शियल होने की जगह अगर वो कॉमिक कल्चर को प्रोमोट करें तो लोंगर रन मे उनका ही फायदा होगा।

- Mohit Trendster

Friday, March 29, 2013

Indian Comics Fandom (Vol. 5)




Indian Comics Fandom (Vol. 5)...out now! Free! Includes

*) – Indian Comics Teasers, News Articles, Updates.
*) – Popular Indian Web Comics.
*) – Reviews : Code Name Comet - Saurabh Agrawal, Aghori (Book 2) – Anuj Sharma, Ravan Doga – Youdhveer Singh, Shiva: The Legends of Immortal (Book 2) – Rahul R. Sharma.
*) – Interviews – Rahul Ranjan & Youdhveer Singh (Eesh Khan), Tushar Trivedi (Mohit Sharma).

Available on over a dozen websites-networks. Readwhere, ISSUU, Minus also provide options for online reading and hand held devices....

*) – Readwhere :
http://www.readwhere.com/publication/3406/indian-comics-fandom-vol-5

*) – ISSUU :
http://issuu.com/mohit-trendy-baba/docs/indian-comics-fandom-vol-5

*) - Minus :
http://trendybaba.minus.com/lDdtb1VCBYTjJ

*) - Mediafire :
http://www.mediafire.com/view/?67sx7z4iv8aavu4

*) – Scribd :
http://www.scribd.com/doc/133010228/Indian-Comics-Fandom-Vol-5

*) – PDF Archive :
http://document.li/470x

*) – 4Shared :
http://www.4shared.com/office/N05HTwU3/Indian_Comics_Fandom__Vol_5_.html

Also on Pothi, Myebook & allied websites.

- Mohit Sharma (Trendster / Trendy Baba)

Thursday, March 28, 2013

Chor ka Logic !!!! :)


....Filmy Clicheness, Jo wakai mein chor NAHI hota wo bhi to ye hi bolega Uncle ki "Mai Chor NAHI hun..."
 "Maine Chori Nahi ki..."
 "Chup! Har chor ye hi bolta hai..."
"To jo chor nahi hai wo bhi to wo kya bolega?....Mai Tumhare bachche ki maa banne waali hun!!!"
- Mohit Sharma (Trendster / Trendy Baba) 

Wednesday, March 27, 2013

Ishq mey Chloroform feat. Hum Tum & Love


Ishq Mey Chloroform story featured at Hum Tum & Love Page and Group. I thank Abhinav Dutta ji for selecting the story.

Meri Bhaang Wali Ice Cream !!!! (Poem, 18+)


 Masti mey ye rhyming ki hai hip hop style with naughty punches. Aap sabhi ko ek baar phir se Happy Holi!!! Just for fun...



Meri Bhaang Wali Ice Cream !!!!

Aetbaar karegi to jaanegi….
Labo se lagayegi to baat maanegi…
Dil bolega tring-tring….jo legi tu..
Meri Bhaang waali Ice Cream !!!!

Pila deta hai ye saaki bade auhdo tak ko paani….
Ek to fitting ka salwar-suit tera…
Aur doosra qatil tera dupatta Dhaani…
Ban jaa janeman mere naatiyon ki Nani…
Nikalva degi teri multiple Screams…
Meri Bhaang waali Ice Cream !!!!

Festive season ki chhut mujhe bhunani…
Point Blank range se apni pichkari hai chalani…
Free ki nahi hai ye Ice Cream…teri haath ki ghujiya hai khaani….
Itne nakhre sehat kharab kar denge meri Rani....
Kar degi tera har signal Green...
Meri Bhaang waali Ice Cream !!!!

Uncle nahi hai ghar pe…
Nashe mey apna ghar samajh ke abhi unhe aadhe ghante peeche ke gharo ki kundi hai khatkhatani...
Anyway, phir bhi chhupa di hai maine unki bandook Dunali…
Ab ye teri zimmedari hai…..tumhe sirf Aunty hai sulaani…
Kab samjhogi bada ho gaya hai….teri colony ka Chhota Bheem….le na..
Meri Bhaang waali Ice Cream !!!!

Gum ho jaayegi teri double chin…
Mera Intezaar karegi taare gin-gin…
Phir chahe jab bhi milegi…gaal par haath phira kar bolegi…”How have you been?”
Jamegi apni tagdi tag team…
Bhaang ki kick better than vodka-desi-rum ya jin….
Ghoomayegi muft mey tujhe London se Chin…
Charsi ho gaya tere pehlu ke bin…
Mat kar mera dil tod ke sin…
Jaldi muh mey le…arre, ab to pakad…pighalne lagi hai…
Meri Bhaang Waali Ice Cream !!!!

- Mohit Sharma (Trendy Baba)

Tuesday, March 26, 2013

Holi ka Mahatva (Article)

**Holi Message** (Chalte-Chalte Page & Group)




कुछ समय के लिए चलते-चलते पेज का एडमिन बनाया है देवेन भाई ने। जिसके लिए मै उनका आभारी हूँ। आप सभी को होली की ढेर सारी बधाई!! आशा है ये पर्व आपके जीवन मे और अधिक खुशियाँ लाये. साथ ही एक सन्देश भी है सभी मित्रों के लिए।

होली बुराई पर अच्छाई की जीत है। वो तो कई त्यौहार होते है तो इसमें ख़ास बात क्या है? ख़ास है प्रह्लाद कि अपने ही पिता से धर्म के लिए लड़ाई। किसी बाहरी दुविधा, उलझन मे घर वाले साथ देते है पर तब क्या हो जब युद्ध अपनों से ही हो ....वो भी आर-पार। बुराई की खासियत होती है कि छोटी-छोटी बातों से होती हुई वो जन-मानस के रहन-सहन में बस जाती है। पहले छोटी बुराई करते हुए अंतर्मन रोकता है फिर वो बाधा पार करने के बाद अपने मतलब के लिए की गयी बड़ी बुराइयों को भी व्यक्ति सही ठहरा देता है।

अच्छाई के साथ होना आजकल के दौर में लोगो को फायदे का सौदा नहीं लगता क्योकि जब आस-पास लगभग हर कोई गलत रास्ते अपनाता है तो उनके जैसा होकर लाभ पाने को मन गलत नहीं मानता। बल्कि जो ऐसी बातों का विरोध करता है वो सामाजिक परिधि से बाहर माना जाता है।

भगवान् को पाने का रास्ता है अच्छाई, ये एक तपस्या ही तो है की लगातार बाहर समाज की ठोकरें और उस व्यक्ति की मानसिकता पर संशय, फिर धीरे-धीरे अपनों का पराया हो जाना ....और इन सब के बीच खुद से अपने व्यक्तित्व और जीवन पर सवाल ....आखिरकार कितने कोणों से तराशे जाने के बाद व्यक्ति हीरा बनकर उसी समाज के लिए चमकता है जिसमे उसको सदैव अपमान, उपेक्षा व् ठोकरों को सहना पड़ा।

लालच का जीवन कुछ दशकों का हो सकता है पर सही राह पर चलने वालो की कहानियाँ पीढियां-दौर-युग लाँघ कर अमर हो जाती है। जो लोग तुम्हे समाज कि सीमा मे न चलने पर कोसते है उनमे भी अपने अंदर का कूड़ा झेलने की हिम्मत नहीं है, वो भेड़-चाल वाला झुण्ड बनाकर उसकी आड़ में तुम्हे कोसते है ..ऐसे लोग किसी ज़ोमबी से कम नहीं होते...शायद वो अन्दर ही अन्दर नहीं चाहते की तुम्हारे जीवन की कहानी अमर हो .....अब यह तुम्हारे ऊपर है की तुम उन्हें गलत साबित करो या हारकर उनका हिस्सा बन जाओ। इस पावन पर्व पर अच्छाई की जीत हुई थी आगे भी जीत होती रही इसका बीड़ा उठाओ।

आपका मोहित शर्मा (ट्रेंडी बाबा)

Desi-Pun! Book (Amazon-Kindle Cover)

New cover of my book "Desi-Pun!" published in January 2012.


Procrastination vs. भोले शंकर (Bonsai Kathayen)




मेरी जनवरी 2013 मे प्रकाशित हुई किताब  Bonsai Kathayen से एक और पेशकश।

कक्षा 9 का छात्र शुभम कल होने वाले मैथ्स के एग्जाम को लेकर चिंतित था।

ये थ्योरम  समझ नहीं आ रही नेट पर देखता हूँ। आदतन उसकी उँगलियों चली और उसने पहले,

*) - कुछ स्पोर्ट्स स्टार्स और रस्लर्स की प्रोफाइल्स चेक की।

*) - यूट्यूब पर कुछ आगामी फिल्मो के प्रोमोज़ देखे।

*) - सोशल साइंस जिसका पेपर हो चुका  था के रैंडम फैक्ट्स, हालाँकि सोशल साइंस के पेपर से पहले इन्होने सतपुड़ा के जंगल और रेसलरस चार्ली हास और रैंडी ओर्टन की जानकारी लेते हुए घंटो बिताये थे पर आज इन्हें सोशल साइंस भी बड़ी रोचक लग रही थी।

इतना सब करने मे 3:30 बज गए और जब पढाई याद आई तब तक शुभम थक चुका  था, उसने सुबह 6 बजे का अलार्म लगाया और सुबह सब जल्दी से देख लूँगा सोचकर सो गया। सुबह 9 बजे उसके भाई ने उसको उठाया जिसको लगा की ये रात भर पढ़ा है। 10 बजे से परीक्षा थी। शुभम ने घड़ी  देखी  तो वो डिप्रेस हो गया, इतनी जल्दी वो नहाये-धोये, खाए, स्कूल पहुंचे ... का जो सोचा था सब  रह गया।

उसको गुस्सा भी आ रहा था की वैसे गलती से सेट हो जाए तो बिना बात के अजीब टाइम पर बज जाएगा पर जब ज़रुरत थी तो मोबाइल वाला अलार्म आखिर बजा क्यों नहीं? तब उसने ध्यान दिया की मोबाइल घड़ी मे AM की जगह PM सेट था।

"अब तो भोले शंकर का नाम लेकर ही एग्जाम देना पड़ेगा।"

- Mohit Sharma (Trendy Baba / Trendster)

Saturday, March 23, 2013

ट्रेंडी बाबा के परवचन : ट्विटर पर कुतिया "सेलिब्रिटी".

नोट - कुतिया एक सिम्बोलिक शब्द है। जो इस तरह के दोनों पुरुषो और महिलाओं पर लागू होता है।

ट्रेंडी बाबा के परवचन : ट्विटर पर कुतिया "सेलिब्रिटी".


*) - पहले लोगो को फॉलो करो और उन्हें मैसेज करके बताओ की फॉलो कर दिया (गिडगिडाओ Plz follow mey back, no one likes me plz plz plz plz xD) वो आपको फॉलो बैक करेंगे। फिर कुछ दिनों बाद चुपके से एक कुतिया की चपलता से उन्हें अन-फॉलो कर दो। जब तुम धीरे-धीरे निरंतर कुतिया बने रहोगे तो एक दिन आएगा (जैसे हर कुत्ते-कुतिया का दिन आता है) की ये फॉलो करने और फॉलो करवाने वाला गैप बहुत बढ़ जायेगा। आप फॉलो तो 200 लोगो को कर रहे होंगे पर आपको फॉलो करने वाले 2000 होंगे
जिस से लोगो को भ्रम होगा की आप कोई सेलेब्रिटी या ख़ास बन्दे हो जो इतने लोग आपको फॉलो कर रहे है जबकि असल मे आप एक खूबसूरत कुतिया हो।


*) - हजारो लोगो की पब्लिक ट्विटस मे से कुछ छोटे अकाउंट्स कि अच्छी, रोचक ट्विटस उठाओ (मैन्युअल टाइपिंग) और दावा करो की मेरी बातें ओरिजिनल है। मेरा कुतियापन पवित्र है। बीच-बीच मे आपकी अपनी कुछ साधारण पोस्ट्स तो रहेंगी ही .... वो ख़ास ट्विटस ढकने के लिये।

*) - कूल डूड़, समाज सुधारक वाली छवि के साथ जियो चाहे तुम्हारा ठरकीपन की हद पार
करते हुए दिन मे नयी, अनजान लड़कियों को 56 प्राइवेट मैसेजस और 32 लड़कियों की फ़िज़ूल की बातें री-ट्विट का एवरेज हो। किसी को शक न हो इसलिए कभी-कबार किसी लड़के या पुरुष सेलिब्रिटी को री-ट्विट कर दो।


*) - की-वर्ड्स, ट्रेंडिंग वर्ड्स की माँ-बहन तोलते हुए सब हपक दो की सर्च इंजन भी तुमसे पूछे कि बता तू कितनी बड़ी कुतिया है?*) - सेलिब्रिटीज, मशहूर लोगो के धान बो दो, मैसेजस, री-ट्विटस, रिफरेन्सस से और जब वो महीनो बाद तंग आकर आपके लिए 2-4
लाइन्स का एक मैसेज करें तो उसका स्क्रीनशॉट लो और .....पब्लिक की पब्लिक में ले लो। जितना छोटा, लोकल सेलिब्रिटी उतने ज्यादा चांस जल्दी और बड़े रिप्लाई आने के।

( मोहित शर्मा ( ट्रेंडी बाबा )

Monday, March 18, 2013

Pagli Rap (Fiction Comics India)

 
 
Pagli Rap! Happy Holi Everyone!

Drunk Drivers today are my toys Roly-Poly !!

Perverts stare/touch at your own risk…Ouch! My electric Ghaghra-Choli !!

I know…I look like a cute Barbie-Dolly…but my slams are like Hardcore Holly!!

Have fun, Ghujiyas, play safe make some Tolis…kids stay away from dirty Boli !!

Wish You All a Happy-Prosperous-Holy Holi !!

Sunday, March 17, 2013

अधूरी रस्म (Rajan Iqbal Reborn Series)

शुभानन्द कृत राजन-इक़बाल रिबोर्न सिरीज़ # 6 - "कब्र का रहस्य" कि पहली काव्य प्रस्तावना  हाज़िर हूँ। जहाँ एक देशभक्त पिता का साया अपने बेटे से मुखातिब है।



अधूरी रस्म

फ़ासलों कि ज़बानी कह गयी ....
रास्तों कि कहानी कह गयी ...
अरसो वाली ईद कि तैयारी ....चंद पलो मे वीरानी रह गयी ...
मौसम को सजदा करती फसल .....तेरे इंतज़ार मे खड़ी रह गयी।

खुशियाँ साथ बांटने की बात से बरगलाया,
फितरत में झूठ बोलकर उसका दिल बहलाया ....
रह गया ये मलाल बाद तक ....
दीवाना मेरी कब्र पर गुलाल ले आया।

कुछ फकीरों के एहसान रहे मुझपर ...
वतन कि उन गलियों का मेरा क़र्ज़ चुका देना ....
काश बुज़दिली और मजबूरी का फर्क समझाने का वक़्त होता ....
ज़मीन पर पड़े पुराने ख़त उनके पतों पर पहुँचा देना।
अधूरी रहीं वो पुरानी रस्म निभा देना ...

न वो दिखता, ना वो छुपता ...बरसता जब आसमां से पाक रहम ....
भरोसा रख तू ऐ बंदे जल्द साथ देंगे मौसम ...
गिले-शिकवे, दगा-धोखे ....गला देगी हवा वो नम।

सियासतदान तुमसे मेरा अक्स मिलाते होंगे ...
बस मेरे अंजाम से अपना अंजाम मत मिला लेना।
शाम को हाथ मे पिघलने न देना ...
अगर लफ़्ज़ों पर पाबंदी लगे उनकी ....तो मन में दुआ पढना ...
अधूरी रहीं वो पुरानी रस्म निभा देना ...

न जाने कितनी गोलियों पर नाम है तेरे वालिद का ...
अदब से उन सब को अपनी मयान मे सजा लेना।
अधूरी रहीं वो पुरानी रस्म निभा देना ...

मंजिलों के इश्क मे ज़ालिम रास्तों के हाथो,
हजारों शिकार यूँ जो मरते .....
रेगिस्तान मे नादानी से उगे पौधे,
सावन के आने का इशारा नहीं करते .....

अधूरी रहीं वो पुरानी रस्म निभा देना ...
चुड़ैल सी मुझपर चढ़ी वतन की मोहब्बत ...अपनों के प्यार पर इस कदर पड़ी भारी,
मै तो फिर कभी गाँव आ ना सका ....तुम घर वापस ज़रूर लौट जाना।

- Mohit

Sunday, March 10, 2013

A Trendsetter's Tragedy

 Ek cheez note ki hai maine ki koi nayi cheez try karne waale ya unique experiments karne waalo ko critical acclaim to milta hai but success nahi milti balki uske baad waisi hi cheez ko better presentation k saath laane waale log paisa, success aur acclaim le jaate hai. Udahran k liye Zee TV aksar Indian viewers k hisaab se naye concepts aur experimental themes, series lata hai par tab logo ki preference aur acceptance level kum rehta hai par jab tak wo khatm hota hai tab log thoda prefer karte hai wo theme.....aur tab Star, Sony, etc achchhi presentation k saath waisi TV series laate hai aur kahin zyada success, following paate hai......

Ye sirf ek example hai doosre fields mey aesi bahut si misaal mil jaayengi. To agli baar kisi cheez ki dil se taareef karen to uska sahi origin jaan len. Aakhir Trendsetter hona itna aasaan nahi.... -Mohit Trendster ;)
 

Friday, March 8, 2013

Not A Potential Rapist!!!

Apne kuch jigri doston (naam nahi likhunga) se khul kar baaten kar pata hun. Halaki, ab Lucknow chhut gaya to ye cheez miss karunga. Unhi khaas dosto mey se ek k saath baitha tha mai last month.

Dost - "Ye heading padh, likha hai...every man is a potential rapist..."

Mohit - "Nahi!!! Maafi sarkaar maafi de do mujhe.....yaar yahan to baksh de TV, Internet, Akhbar, Society...sab jagah blame karoge to kisi din bina crime kiye in blames ka hawala dekar jail mey guilty feel karta hua life kaatunga..."

Dost - "Kaisi Life Inspector Vinay??? Fansi milni chahiye tujhe..."

Mohit - "To tu bhi marega soch lo....ya phir OMG aaj pata chala mera dost mard nahi hai...ha ha ha...medical report k baad jail ka doctor kahega...jaa Shikhandi ji le apni zindagi...."

Dost - "Achchha ek baat bata teri favorite actress, athletes kaun hai....matlab skip a beat...wonder woman type..."

Mohit - "Aajkal to Esha Gupta achchhi lag rahi hai, sports mey Ana Ivanovic...aur bhi hai kuch....kyu?"

Dost - "Achchha imagine kar....tu kahin ka raja hai, tu matlab us desh ka supreme hai tujhe koi darr nahi hai, kuch bhi kar....koi nahi pakadega tujhe...tab tujhe sunsaan sadak par koi Ana Ivanovic ya Esha Gupta jaisi ladki mil jaaye..."

Mohit - "C grade horny movie ka hero bana de mujhe kaminey...."

Dost - "Sun to....khuli chhut hai...koi darr nahi, bandish nahi...kya tu us ladki ka rape karega?"

Mohit - "Nahi...koi chance hi nahi hai."

Dost - "Bhai ko khush karne ko mat bol sach bata....mujhse sach bol sakta hai Bhai...chal tu nashe mey hai...dimaag mannd ho gaya hai kuch der k liye...tab karega uska rape?"

Mai darr gaya ye sochkar, kya karunga mai tab? Kya mai rape kar dunga us ladki ka? Maine pehli baar khud ko kisi aur vyakti k angle se rape karte dekha...us ek second mey hi mai bas kya bataun...hil gaya...

Mohit - "Bhai..maan li teri baaten ki mai raja hun, mujhe koi darr nahi, mai supreme hun, koi saza nahi hone waali mujhe, mera dimaag mand pad gaya hai....par jab wo ladki chillayegi, royegi na to mere haathon ki pakad apne aap dheeli pad jaayegi....aage kuch nahi karega tera bhai....ye antar hota hai mard aur jaanvar mey..."

Dost khush hokar gale lag gaya.

Dost - "Mohit Bhai dil khush kar diya...mai yahi test kar raha tha..."

So, ye hai mera conclusion.....

"Mana India mey 1-2 Australia ki population jitne dooshit mansikta waale purush hai par unke liye 4-5 Russia ki population jitne sahi purusho par gaaj kyu? Kyoki jab laws banti hai to unke ghere mey kai nirdosh bhi pis jaate hai. Ye kaisi victim mentality hai ki doosre group (is case mey gender) k har bande ko criminal bata do. Majority of men would never rape anyone. Men don't just rape people because they feel horny, it's not that basic. Most can resist the lust they have....many men can see what they are doing is wrong. Can I be swayed by my anger and turned into a murderer? Nope. People can't just be "swayed" by emotions and turned into something they weren't already.

Don't trust the secondary info sources to the level that they brainwash you...understand other aspects related to the matter and VERIFY!!!.....Every man has the ability to rape, but so what? If a man has the ability to rape, would you call him a 'potential rapist'? Every woman has the ability to kill a baby, does that mean every woman is a potential child killer? Everyone (except disabled people) has the ability to kill, does that make everyone a potential serial killer?....Every human being has the potential to be anything. Rape is not an act of lust nor is it gender specific. Rape is an act of power and violence. Women rape fellow humans every day. Yes, I mean actual sexual assault kind of rape. Men are just more associated with rape because, as a group, they tend to be more physically violent than women."
- Mohit Sharma (Trendster)