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Thursday, May 22, 2014

Random Pravachans - मोहित शर्मा (ज़हन) : Mohitness

1. सपा सरकार के ख़ास दर्जा नेता
लोकसभा 2014 चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने लगभग 3 दर्जन विशेष दर्जा मंत्रियों को अटपटे पदभार सौंपे जैसे रिमोट सेंसिंग, हथकरघा विकास आदि जिसके तहत इन मंत्रियों को सुरक्षा, फंड्स, लाल बत्ती की सरकारी गाडी दी गयी। पार्टी का मकसद तुरंत ही जनता और मीडिया को समझ आ गया। माने जो विभाग छोटे थे और बड़े विभागों के अंतर्गत जिनपर आराम से काम किया जा सकता था, नीतियाँ बन सकती थी उनके लिए अलग से यह खर्च क्यों? सपा का यह कदम लोकसभा चुनाव की नज़दीकी की वजह से था जिसमे इन प्रभावशाली स्थानीय नेताओ को अपनी पार्टी के प्रत्याशियों का  पूरे दल-बल से प्रचार करना था और चुनाव से ठीक पहले विकास, सही नीतियों का भ्रम जनता को देना था क्योकि आम जनता की यादाश्त काफी कमज़ोर होती है। मुज्जफ़रनगर के हालातो का भी फायदा उठाने की कोशिश की गयी तुष्टिकरण की राजनीती करके जो जनता को रास नहीं आयी।  
हालाँकि, इस प्रक्रियां में कुछ जुझारू नेताओं को बड़ा मंच मिला पर ज़्यादातर ने अपने पद का गलत फायदा उठाया। मामला न्यायालयों में उठा और तुरंत उच्च न्यायालय एवम सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले को वापस लेने का फरमान सुनाया और करारी हार के बाद स्वतः ही ये कागज़ी नेता भाँप बनकर उड़ गये, सपा ने इन मंत्रियों को हटाने का फैसला लिया। सपा सरकार की एक बात जो बिलकुल गलत है वो है नेताओं, कार्यकर्ताओं को छूट देना जिस कारण उनमे से अधिकतर दबंगई, लूट करने में तल्लीन रहते है। आशा है सपा नेता धरातल को समझें और असल समाजवाद पर ध्यान दें। 
 - मोहित शर्मा (ज़हन)
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2. Muslims in North East India
Pehle Northeast rajyon ka bada hissa poora Assam hi tha jo ab chhote chhote states mey bant gaya. To Mughalo ne yahan bhi hamla kiya tha par kuch yuddhon mein haarne k baad wo waapas laut gaye aur Assam ko jeet nahi paaye. Yaani yahan muslims ka pravesh baaki India ki tarah ho hi nahi paaya. Par aaj yahan kai districts mey Muslim population ki bahutayat hai. Kaise? Kya aasmaan se aa gaye? Haan aazadi k baad desh mey kahin bhi jaane ki aazadi se kuch muslims wahan aaye par unki sankhya bahut kum thi. 
Durbhagya se 1-2 regions se muslim candidates (Faqruddin) utare gaye jinhone jeet k liye Bangladesh ke borders hata hi diye aur wahan ki aabadi is region mey aa gayi jahan density of population kum hone ki wajah se resources kaafi thi…dheere-dheere wo itne badh gaye hai. 
Ek durbhagya ye bhi hai ki yeh fact logo ke saamne bolna bhi communal samjha jaata hai. Jo galat hai wo galat hai usme ye paribhashayen kaise aa jaati hai? Upar se Mamta Didi jaise politicians…. :( :(

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