Mohit Trendy Baba's few lucky saved works from defunct websites, forums, blogs or sites requiring visitor registration....

Tuesday, July 18, 2017

Collaborative painting with Artist Jyoti Singh


Painting details - Oil on canvas, size-24"24" inch, inspired by a pic... 
Concept description - प्रकृति से ऊपर कुछ नहीं! प्रकृति (मदर नेचर) स्वयं में एक सच है, प्रकृति पूरक है, पालक है और संहारक भी है। आज जो घटक इतना बड़ा दिख रहा है, कल प्रकृति उसे स्वयं में समा लेगी और घटक का अपना अस्तित्व लोप हो जाएगा।

Monday, July 17, 2017

हाँ पता है...(feat. जूता) - सामाजिक कहानी


सज्जन - "मोहित जी आपको पता है फिलिस्तीन के लोगो पर इजराइल कितना ज़ुल्म कर रहा है? म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय का क्या हाल किया है वहाँ के बहुसंख्यक बौद्ध समाज ने?"
"हाँ जी! पता है...और मुझे नाइजीरिया में बोको हराम द्वारा सरकार से युद्ध और स्थानीय लोगो का नरसंहार पता है, दशकों से इराक़ और तुर्की द्वारा लगातार कुर्द, यज़ीदी समुदाय की एथनिक क्लेंज़िंग पता है, पाकिस्तान, ईरान के विरुद्ध बलूचिस्तान के लोगो संघर्ष पता है, अंगोला में चल रही कबीना लड़ाई पता है, रूस-चेचेन्या क्राइसिस पता है, रूस-यूक्रेन युद्ध पता है, इंडोनेशिया और पपुआ निवासियों के कुछ वर्गों की लड़ाई पता है, कोलंबिया, मेक्सिको और दक्षिण अमेरिकी देशों में नशे के व्यापार में चल रहे संघर्ष पता हैं, इतना ही नहीं माली, सूडान, दक्षिण सूडान, सीरिया, कांगो, सोमालिया, यमन, फिलीपींस, अफगानिस्तान, केंद्रीय अफ्रीका गणराज्य में चल रहे गृह युद्धों के बारे में पता है। बाकी दुनियाभर में कई छोटे-बड़े समुदाय आपस में या स्थानीय सरकारों से संघर्ष कर रहे हैं और अनेकों समुदाय संघर्ष करते-करते लुप्त हो गए।
मुझे एक बात और पता है, तुम मिडिल क्लास परिवार से हो जिनका जीवन खुद में एक जंग है। पहले अपनेआप को इतना काबिल बनाओ कि किसी गलत को सही कर सको, अपने परिवार से बाहर भी लोगो की मदद कर सको। अगर ऐसा ना कर पाओ तो गलत को गलत ज़रूर कहो पर फिर हर तरह के गलत को गलत कहो पर तुम तो मज़हब के हिसाब से ज़ुल्म देख रहे हो जो गलत है। अगर तुम्हे हर ज़ुल्म पर एक जैसा दर्द नहीं होता तो थू है तुम्हारी सोच पर! अब आगे क्या करना है पता है ना?"
सज्जन - "हाँ मोहित जी! मैं जूता उठाकर अपने मुँह पर मार लेता हूँ।"
"अरे नहीं भाई, मेरा मतलब था कि अब काम पर ध्यान दो और तरक्की करो...ताकि जिन बातों पर परेशान होते हो उन्हें बदलने की कोशिश करने लायक बन सको।"
कुछ देर बाद - 
सज्जन - "समझ गया! मैं चलता हूँ।"
"रुको! मुँह इधर करो, जूता तो खाते जाओ।"
समाप्त!
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#मोहित_शर्मा_ज़हन
Artwork - Neil Wilson
#mohitness #civilwars #crisis #selectiveoutrage #media

Monday, July 10, 2017

बहाव के विरुद्ध (कहानी) #ज़हन

एक गायन टीवी शो के दौरान चयनित प्रतिभागी को समझते हुए एक निर्णायक, मेंटर बोला। 
"अपनी कला पर ध्यान दो, तुम्हारा फोकस कहाँ है? मैं नहीं चाहता कि तुम इस जेनरेशन के सुरजीत चौहान या देविका नंदानी कहलाये जाओ। क्या तुम्हे अपने माँ-बाप का सिर शर्म से झुकाना है?" 

देहरादून में अपने घर पर टीवी देखते हुए सुरजीत चौहान के चेहरे पर मुस्कराहट आ गई। ऐसा पहली बार नहीं हुआ था पर वह नकारात्मक बातें, ताने नज़रअंदाज़ करने की पूरी कोशिश करता था। उसे इंटरनेट का ज़्यादा शौक नहीं था पर बच्चो के कहने पर नया स्मार्टफोन लिया था। आज हिम्मत जुटाकर अपना नाम इंटरनेट पर खोजा। उसके और देविका के नाम पर कई न्यूज़ रिपोर्ट्स, आर्टिकल, वीडिओज़ थे। किसी में उनपर जयपुर में दर्ज हुए धोखाधड़ी के केस की खबर थी, तो किसी में ड्रग्स रखने के आरोप। 21 साल पहले सुरजीत और देविका ऐसे ही एक गायन टीवी शो में प्रतिभागी थे। शुरुआती हफ्ते ठीक बीतने के बाद अचानक एकदिन दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। यहाँ उन्होंने टीवी चैनल मैनेजमेंट पर शो के वोट्स में हेरफेर, पैसों के गबन और कास्टिंग काउच जैसे गंभीर आरोप लगाए। उस दौर में ये एक बड़ी खबर बनी पर कुछ दिनों में खबर का स्वाद कम होने के साथ बात आई गई हो गयी। दोनों को तुरंत शो से निकाल दिया गया और इनपर दर्जनों मामले दर्ज हो गए वो भी ऐसी जगहों पर जहाँ ये कभी गए ही नहीं। उस समय इन्होने भी उपलब्ध सबूतों के साथ टीवी चैनल के मैनेजमेंट पर कुछ केस किये। मुंबई में संघर्ष करने गए इन युवाओं पर प्रेस वार्ता के बाद ऐसा ठप्पा लगा कि उन्हें कहीं काम नहीं मिला और कुछ महीनों बाद दोनों अपने-अपने शहरों को लौट आये। सपनों के शहर में सपनों को चकनाचूर होता देखने के बाद इन प्रतिभावान गायकों ने साधारण निजी नौकरियां पकड़ ली। दोनों तरफ से दर्ज हुए मामले या तो रद्द हो गए या अनिर्णीत घिसटते रहे। किसी भी केस में सुरजीत और देविका को सज़ा नहीं हुई थी पर झूठ इतनी बार दोहराया जा चुका था कि आम जनता आरोपों को सच मानती थी। वो टीवी चैनल आज 2 दशक बाद भारत के सबसे बड़े चैनल्स में से एक है। 

उधर जौनपुर में देविका एक 15 साल के किशोर के विडिओ पर मुस्कुरा रही थी, जिसमे वो अपने पैदा होने से 6 साल पुरानी न्यूज़ क्लिप्स के आधार पर अर्जित जानकारी के अनुसार देविका और सुरजीत का मज़ाक उड़ा रहा था। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब सुरजीत, देविका यह नहीं सोचते कि काश हमने हिम्मत ना दिखाई होती...काश हम भी औरों की तरह बहाव में बहते रहते। 

समाप्त!
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#mohitness #mohit_trendster #मोहित_शर्मा_ज़हन