अंतरजाल की दुनिया और जीवन में मोहित शर्मा 'ज़हन' के बिखरे रत्नों में से कुछ...

Friday, January 18, 2019

Hindi Tongue Twister


Short - "चुकंदर खाकर सुंदर छछूंदर के अंदर हुआ भगन्दर।"

Long - चुकंदर खाकर सिकंदर नामक सुंदर से छछूंदर के पेट के अंदर मचे बवंडर से उसे हुआ भगन्‍दर। 

#ज़हन

Friday, November 16, 2018

Late Update: Mohit Trendster's TWG Stats and Hall of Fame entry

Massively multiplayer online game (MMO) - The Wrestling Game
Millions of Registered players and 5 Popular servers
Wrestler Name - Trendster
Status - Retired (Active: 2011-2017) on one server and Semi-Retired Indie on other (Trendy Baba)
TWG Win/Loss/Draw stats - 68% win rate after frequent sparring sessions against awesome players...I’ll take it anyday.

TWG Trendster's Palmares


Trendster in Hall Of Fame list (Ranked #39)























Enjoyed countless matches, leagues, federations, events, championships, tag teams, stables and training schedules....Thanks TWG! <3

Saturday, August 4, 2018

दांव #poetry #zahan


रोटी के रेशों में चेहरा दिखेगा, 
उजली सहर में रंग गहरा दिखेगा। 
सच्चे किस्सों पर झूठा मोल मिलेगा,
बीते दिनों का रास्ता गोल मिलेगा। 

किसको मनाने के ख्वाब लेकर आये हो?
घर पर इस बार क्या बहाना बनाये हो?
रहने दो और बातें बढ़ेंगी,
पहरेदार की त्योरियां चढेगीं। 
चलो हम कठपुतली बनकर देखें,
जलते समाज से आँखें सेंके। 

हाथों की लकीरों में उलझ जाएगा,
हमें बचाने भी कोई हमसा ही आएगा। 
फिर ना निकले कोई सिरफिरा,
तमाशबीनों का मज़ा किरकिरा। 

कुछ तो मन बनाना पड़ेगा,
नहीं तो अपना कर्ज़ा बढ़ेगा। 
चाल चलकर देख ही लो...
हाथ तो दोनों सूरत में मलना पड़ेगा। 
=======
#ज़हन

One of the Introductory poems by yours truly - Ibadat Ishq ki (Book) by Vikas Durga Mahto

Friday, August 3, 2018

कौवों का हमला Novel credits


यह अजय जी का बडप्पन है कि उन्होंने मेरी छोटी सी मदद पर आभार व्यक्त किया। उनकी पुस्तक "कौवों का हमला" अमेज़न किंडल पर उपलब्ध है। (Book Link) वैसे किताब बच्चों के लिए है पर इसकी कहानी का रस हर आयु वर्ग के पाठक को भायेगा। शुभकामनाएं!


Wednesday, May 30, 2018

क्यों कहते हैं? (लघुकथा) #ज़हन


चाय की दुकान पर नये-पुराने ग्राहकों के बीच एक ऐसा ग्राहक कुक्कू जिसे दोबारा कभी उस जगह नहीं आना था। कुक्कू के साथ उसकी रूसी गर्लफ्रेंड डेना भी थी। 

कुक्कू - "ओए! 2 चाय, एक खस्ता बना।"

चाय वाला  - "ठीक है सर।"

कुक्कू - "....और सुन बे! अच्छी चाय ज़्यादा दूध वाली साथ में खस्ता बड़ा वाला एक्स्ट्रा चटनी के साथ।"

चाय वाला  - "अच्छा!"

इसके बाद दुकानदार खुद से बड़बड़ाया। - "क्यों? औरों से ज़्यादा पैसे दे रहे हो जो सब एक्स्ट्रा चाहिए?"

कुक्कू साहब ने बड़बड़ाहट में अपनी तौहीन सुन ली थी। तुरंत कुपोषित चाय वाले की रसीद काटने के लिए उसका कॉलर पकड़ लिया। 

"हरामखोर! उतना बोल जितना है। इतना ग़लत कमाते हो तुम लोग...."

चाय वाला - "नहीं पीनी तो मत पियो, साब! गाली क्यों दे रहे हो? किसी भी सरकारी या प्राइवेट दफ्तर में चले जाओ....पूरी दुनिया ही ग़लत कमा रही है।"

कुछ हिन्दी और हाव-भाव समझ रही डेना ने कुक्कू से पूरी बात समझनी चाही। जब कुक्कू ने बात समझायी तो डेना बोली -
"चाय वाला सही तो कह रहा है। जैसा दाम, वैसा काम...या तो फिर सभी को हमारे जैसा सर्व करे या हमें सबके जैसी चाय और खस्ता परोसे।"

कुक्कू झुंझला कर बोला - "नहीं बेबी, तुम समझ नहीं रही हो। ऐसा यहाँ कहते हैं..."

डेना का मासूम सवाल - "क्यों कहते हैं?"

समाप्त!
==========
Art - Tina K.