अंतरजाल की दुनिया और जीवन में मोहित शर्मा 'ज़हन' के बिखरे रत्नों में से कुछ...
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Sunday, April 27, 2025

फिक्शन कॉमिक्स पत्रिका के हर अंक में मिलें मेरी रचनाओं से...

 

FC Magazine #1

यह बताते हुए खुशी हो रही है कि Fiction Comics Magazine में मेरे लेख, कहानियाँ और कॉमिक स्ट्रिप्स अब नियमित रूप से प्रकाशित हो रहे हैं।


FC Magazine #2

इस मैगज़ीन में काफी विविधता है, और अलग-अलग फॉर्मेट्स में लिखने का मौका मिल रहा है। इसके पहले चार अंक प्रकाशित हो चुके हैं, और आगे भी यह सिलसिला जारी है। आप सभी पाठकों का साथ और स्नेह बना रहे!


FC Magazine #3


FC Magazine #4

Saturday, July 4, 2020

Junction Planet Magazine Special Issue (July 2020)


Comics Junction team announced that this edition of Comics Planet magazine is a theme based issue and the theme of this issue is...."Me". Thank you for this honor, CFS team! They included 12-13 year-old stories and even typed in Devnagri as some of the stories were in Roman Hindi/Hinglish. #Humbled



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Monday, January 13, 2020

Article in Junction Planet (Issue #04)


2-page 'Comics Kaalchakra' in January 2020 issue of Junction Planet.


Thank you, Team! :)

Pages - 98
Language - Hindi
Editor - Upendra Raj
Co-Editor - Gaurav Shrivastav
Special Advisor - Balbinder Singh
Cover Art - Arjun Sharma "Arya"

Thursday, October 10, 2019

Third Issue - Junction Planet


एक और अच्छा प्रयास! अप्रकाशित पगली सीरीज के विज्ञापन और मेरी कुछ पंक्तियाँ (Page - 73, 74) जंक्शन प्लैनेट मैगज़ीन (कॉमिक्स जंक्शन) के इस अंक में शामिल की गई हैं। आभार!

Tuesday, July 16, 2019

Latest issue of Junction Planet Magazine


2 contributions - An article on author Anurag Kumar Singh and a joint fan artwork with artist Yash Thakur, colorist Ajay Thapa published in Junction Planet e-zine by Comics Junction group (July 2019 issue).

Saturday, July 13, 2019

अभिमान से अपमान (बाल कथा) - अनुभव पत्रिका जुलाई 2019 में प्रकाशित


सलोना भालू फुलवारी वन का एक प्रतिभावान खिलाड़ी था। किशोरावस्था में ही वह अपनी उम्र से बड़े और अनुभवी खिलाडियों को नाकों चने चबवा देता था। जल्द ही उसका नाम फुलवारी वन और उसके आस-पास के इलाकों में भी फ़ैल गया। केवल एक खेल नहीं बल्कि भाला फेंक, शॉट पुट, 400/800 मीटर दौड़ और तेज़ चाल में वह कमाल का प्रदर्शन करता था। स्थानीय व अंतर-जंगलीय प्रतियोगिताओं में सलोना शीर्ष पदक जीतने लगा। आगामी प्रतियोगिता जंगलों के सबसे बड़ी, सम्मान वाली प्रतियोगिता थी। इसका नाम था जंगल ओलम्पिक। सलोना भालू का यह पहला ओलम्पिक था। वह कई महीनों पहले से गंभीर तैयारी में जुट गया। खेलों का आयोजन पुष्पपुर जंगल कर रहा था। लंबी यात्रा कर वहाँ पहुँचे सलोना को पुष्पपुर की दृष्टि की सीमा से विस्तृत फूलों की वादियों ने मोहित कर लिया। कम समय में सलोना बहुत से वन क्षेत्रों की यात्रा कर चुका था और अलग-अलग प्रजातियों के जानवरों से मिल चुका था। हर तरफ अपने कौशल की तारीफ़ सुनकर सलोना में दंभ भर गया था। 

एकसाथ 4 खेलों में अपने जंगल का प्रतिनिधित्व करने वाला सलोना अकेला एथलीट था। अपनी जीत को लेकर वह इतना आश्वस्त था कि उसने अभ्यास छोड़ पुष्पपुर जंगल में विचरण और प्रतिष्ठित जानवरों के साथ उठना-बैठना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं अपने अभिमान में वह अभ्यास कर रहे जानवरों का मज़ाक भी उड़ाता था। जब फुलवारी जंगल के अन्य खिलाडियों और प्रशिक्षक ने सलोना को समझाने की कोशिश की तो उसने उल्टा उन्हें अपना प्रदर्शन उसके बराबर लाने की चुनौती दे दी। इतने पदक जीत चुके सलोना को अधिक टोकने की हिम्मत किसी में भी नहीं थी। अगले सप्ताह खेल शुरू हुए और एक के बाद एक प्रतिस्पर्धा में सलोना भालू को हार मिलने लगी। शुरुआत में 800 मीटर दौड़ में कांस्य भी न मिला, उसके बाद शॉट पुट, भाला फेंक में भी सलोना प्रथम 5 स्थान में जगह नहीं बना पाया। पहले पहल भाग्य को दोष दे रहा सलोना अब अपनी 4 में से 3 प्रतिस्पर्धाओं में बिना पदक रह गया था। अंत में 20 किलोमीटर तेज़ चाल  प्रतिस्पर्धा में उतरते हुए सलोना में पहले का दंभ हार के डर में बदल गया था। परिणाम सबकी आशा अनुरूप ही था। सीमित तैयारी, बिगड़ी लय और खोये आत्मविश्वास के साथ सलोना ये प्रतिस्पर्धा भी हार गया। उस रात गुस्से में खिलाडियों, निर्णायकों और सहायक स्टाफ के लिए बने खेल गाँव में सलोना भालू ने खूब तोड़-फोड़ मचायी। उपद्रव मचाते हुए उसके वीडियो समाचारों की सुर्खियां बन गये। फुलवारी वन ने इस बार पदक तालिका में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन जंगल की इस उपलब्धि को सलोना के हुड़दंग से हुई बदनामी ने फीका कर दिया। सलोना को अपनी भूल पर पछतावा देर से हुआ। फुलवारी जंगल खेल संघ ने सलोना के ऊपर स्थानीय या अंतर-जंगलीय किसी भी खेल खेलने पर 5 वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया। 


प्रतिबंध की अवधि पूरी करने के बाद सलोना भालू ने ज़बरदस्त वापसी की और अपने जंगल के लिए कई पदक अर्जित किये। हालांकि, सलोना को अक्सर एक मलाल रहता है। अपनी भूल के कारण उसने एक खिलाडी के रूप में अपने उत्कृष्ट वर्ष (जिनमें वह शारीरिक, मानसिक रूप से अपने चरम पर था) गँवा दिये, साथ ही इतने बड़े मंच पर अपने जंगल का नाम ख़राब किया।

समाप्त!

सीख - छोटी उपलब्धियों से दंभ में आकर जीवन के बड़े लक्ष्यों से भटकना नहीं चाहिए और अपने क्षेत्र के अनुभवी लोगों की सलाह को कभी अनसुना नहीं करना चाहिए। 

Cover page

Friday, October 13, 2017

ध्वनि प्रदूषण का घातक प्रभाव (Hindi Educational Podcast) #ज़हन

New Podcast (224 Seconds)
Also on Soundcloud and Vimeo
ध्वनि प्रदूषण के एक अनछुए पहलु से रूबरू करवाती रूबरू दुनिया की पहली ऑडियो पॉडकास्ट। जल्द ही रूबरू दुनिया एप पर आपको ऐसी कई पॉडकास्ट सुनने को मिलेंगी।
 - मोहित शर्मा ज़हन #mohitness #mohit_trendster

Sunday, May 28, 2017

Anik Planet Latest Issues #update


1 Story, 'Bogus Aliens' - Anik Planet science fiction special issue (May 2017).


1 Article - Anik Planet Female Empowerment special issue (March 2017) 
Publisher - Comics Our Passion 

Wednesday, February 22, 2017

Anik Planet #04 Magazine Update


...Wrote an article "Pyaar se Parhez" (Superheroes and their complicated love life) for Anik Planet #04 (February 2017 Issue), Publisher: Comics Our Passion Community


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#Backcover remark on horror novella Woh Bhayanak Raat by Mithilesh Gupta.

Tuesday, November 15, 2016

Anik Planet (अनिक प्लैनेट) - Issue #01


Cover story for Comics Our Passion magazine Anik Planet - अनिक प्लैनेट (Issue # 01), November 2016. They were kind enough to advertise my upcoming projects "Kadr" and "Peripheral Angel" in this issue.

Friday, January 1, 2016

Bageshwari (Jan-Feb 2016) #update


An article and Micro Fiction experiments in January - February 2016 issue of Bageshwari Magazine (Editor Mr. Yogesh Amana Yogi)